MahaVastu Acharya Yogita Singh

महावास्तु प्रामाणिक आचार्य र्ोणिता ण िंह पेशे े B.Ed कॉलेज में णशणिका के रूप में कार्यरत हैं र्ोणिता ण िंह एक णशणिका है अपने माज में णचव के पद पर भी कार्यरत हैं एक माज ेणवका एक वास्तु किं लटेंट घूमना णिरना लोिोिं े बातें करना मौज मस्ती करना र्ह ब मेरी हॉबी है इ के अलावा मैं एक होम में कर भी हिं जो अपना भी घर बनाती हिं और माज के भी

र्ोणिता ण िंह का जन्म 25 िरवरी 1973 को मध्य प्रदेश के धार णजले के धामनोद जिह पर हुआ णपताजी रकारी नौकरी में थे तो जिह-जिह उनकी पढाई हुई खरिोन, शहडोल, टीकमिढ, ािर, रार्पुर णिर मध्य प्रदेश के भोपाल शहर में णशिा पूिय हुई! र्ोणिता ण िंह महावास्तु आचार्य है भोपाल में रहती हिं मेरे हस्बैंड एक णबजने मैन हैं मेरे दो बेटे हैं मैंने णशिा में स्नातक ाइिं ब्जेक्ट े णकर्ा और स्नाकोत्तर डॉक्टर हररण िंह िौर णवश्वणवद्यालर् े 1995 में एमए ी जूलॉजी ब्जेक्ट े णकर्ा णिर भी Bed णकर्ा or Med kiya पाररवाररक णजम्मेदाररर्ोिं का णनवायहन करते हुए जॉब करने की इच्छा को कु छ मर् के णलए अल्पणवराम णदर्ा ,जब मेरे बच्ोिं का स्कू ली णशिा पूिय हुई उ के बाद मैंने स्वर्िं को णबजी रखने के णलए कु छ करना चाहा महावास्तु आचार्य और णशणिका एविं माज ेणवका के रूप में मेरा मानना है णक महावास्तु एक वोत्तम उपार् है इ को बडे स्तर पर प्रर्ोि करना चाणहए महावास्तु एक णहिंदू नातनी णवधा है जो तोडिोड में नहीिं बल्कि नातन धमय की तरह णनमायि में भरो ा रखती है जब दशा अनुकू ल नहीिं हो तो णदशा बदल लेना चाणहए , महावास्तु इ कहावत को चररताथय करता है 2017 में महा वास्तु एक्सपटय को य णकर्ा 2018 में आचार्य को य णकर्ा AFC एविं AVRC को य भी णकर्ा मेरे जै े णशणित मणहला के णलए कु छ भी मान लेना थोडा अ िंभव था तभी महावास्तु का एक वीणडर्ो देखा णज में तकनीकी तरीके े कम लाित और कम मर् में प्रभावी पररिाम देखने को णमला, इ वीणडर्ो में णज तरीके े तकनीकी ोच के आधार पर पिंचतत्व के ाथ- ाथ कलर व shape के आधार पर जीवन में इतना बडा बदलाव वाकई चमत्कार की तरह लिने लिा, शार्द चमत्कार ऐ े ही होते होििंे मैं भोपाल मध्य प्रदेश में रहती हिं र्हािं देखा महावास्तु का अवेर्रने कािी कम है इ की पूणतय के णलए कई अवेर्रने प्रोग्राम णकए उन्हें इलेक्टरॉणनक मीणडर्ा णप्रिंट मीणडर्ा एविं वेब मीणडर्ा के द्वारा ज्यादा े ज्यादा लोिोिं तक पहुिंचाने की कोणशश की और कु छ हद तक कामर्ाब भी हुए तभी तो हमारे k b र का पना ाकार होिा " धन ुख ेहत तथास्तु हर घर होिा महावास्तु ाकार होिा