Alchemist Krishna on Panchtattva theory of Karma and Phal

कर्म क्या है? कर्म ही पाप और पुण्य का फल देता है। कर्म ही हमें बांधता है स्वर्ग की लालसा में और कर्म ही हमें  नरक में जाने का डर पैदा करता है। मानसिक द्वंद्व के इस दलदल में लोग फंसे हुए हैं। जैसे रण क्षेत्र में अर्जुन खुद को फंसा हुआ पाता है।

कृष्ण की दृष्टि में कर्म पंचतत्वों का संतुलन है, जो एक तत्व से दूसरे तत्वों में रूपांतरित होता है। एक अलकेमिस्ट ही पांचों तत्त्वों के संतुलन के बारे में बता सकता है, जैसा उन्होंने गीता में कहा है -

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